Welcome to Our School


SARASWATI VIDYA MANDIR, Srinagar Road, Baghmara, Purnea affiliated to CBSE, New Delhi is located on the land of Devine Maa Puran Devi for its beauty, piousness and fertility. It was established in 1989 at Madhav Kothi, Thana Chowk, Purnea. It is running on Srinagar Road, Baghmara, Purnea. It has been the center of attraction for the city men from the time of establishment. The main aim of this school to be establish is to impart education based on Indian Culture and value of life. Beside it is determined for the character building of the children and to prepare them to face modern challenges easily. Saraswati Vidya Mandir was eastablished in the year 1989. It is Co-education School up to Ninth class. It Provisionally Affiliated from CBSE Delhi with Affiliation No. 330505 up to March 2016. The school is run by the trust Lok Shiksha Samiti, Bihar.

Our Mission


हमारा लक्ष्य इस प्रकार की राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली का विकास करना है जिसके द्वारा युवा पीढ़ी का निर्माण हो सके जो हिन्दुत्वनिष्ठ एवं राष्ट्रभक्ति से ओत-पोत हो, शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से पूर्ण विकसित हो तथा जो जिवन की वर्तमान चुनोतियों का सामना सफलतापूर्वक कर सके और उसका जीवन ग्रामों, वनों, गिरिकन्दराओं एवं झुग्गी-झोपड़ियों मैं निवास करने वाले दिन-दुखी अभावग्रस्त अपने बंधवों को समजिक कुरितियों, शोषण एवं अन्याय से मुक्त कराकर राष्ट्रजीवन को समरस, सुसम्पन्न एवं सुसंस्कृत बनाने के लिए समर्पित हो | हमारा भारत देश प्राचीन वैज्ञानिक व अध्यात्मिक ऋषियों-महर्षियौ का देश, जहाँ वैदिक शिक्षा प्रणाली सर्वेमान्य एवं सर्वभौमिक है, जिसमे भैया-बहनों को उनके स्वभाव और आंतरिक निगुढ़भावों (गुनों) को विकसित कर मनव से देवत्व की और अभिमुख कर समाज एवं राष्ट्र जिवन को अभिनव तथा समुननत करने क सतत सार्थक प्रयास चल रहा है | इसी नवीनतम श्रंखला के आधारभूत सोपान के रूप मैं सरस्वती विद्या मंदिर , श्रीनगर रोड, बाघमारा, पूर्णिया वैदिक व आधुनिक शिक्षा को आत्मसात कर किये, ऐसे छात्र-छात्राओं के निर्माण हेतु कृत संकल्प है जो विद्या भारती लक्ष्य के अनुरूप प्रतिष्ठित होकर भारत माता को परम वैभव के सिंहासन पर स्थापित करने मै अपना तन-मन-धन (सर्वस्व) समर्पित कर सके |